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Biodiversity

Biodiversity of Himalayas

जैव विविधता

आईपीसीसी की रिपोर्ट के अनुसार पूरे विश्व की 10 प्रतिशत से अधिकजैव विविधता हिमालय क्षेत्र में है । । जैव विविधता के संरक्षण और उसके समुचित दोहन हेतु रणनीति का विकास और सफलतापूर्वक लागू करने की कार्य योजना पर कार्य किया जाना नितान्त आवश्यक है ।

पश्चिम और पूर्वी हिमालय माइनस 75 डिग्री सेंटीग्रेड से 800 मिलीमीटर तक की वार्षि वर्षा का यह क्षेत्र जड़ी -बूटियों के लिए प्रख्यात है । समूचे हिमालय क्षेत्र में ऐसी कई प्रजातियाँ हैं जो कि विलुप्तता की कगार पर हैं । कुल मिलाकर संपूर्ण हिमालय क्षेत्र में पायी जाने वाली प्रजातियों में से 10 प्रतिशत पर विलुप्त होने का खतरा मंडरा रहा है ।हिमालय के क्षेत्र में फैला हुआ पूरा वन क्षेत्र बढ़ते कार्बन डाइआक्साइड को कम करने में मदद करता है । 

पूरे देश के वन क्षेत्र का 1/3 हिमालय क्षेत्र में स्थित है । समूचे क्षेत्र के पारिस्थितिकी चक्र को सही रुप से चलने के लिए हिमनदों से निकलने वाली नदियों का महत्वपूर्ण योगदान है । प्राकृतिक आपदा का पुर्वानुमान :प्राधिकरण उत्तम शोध के माध्यम से हिमनद या नदियों की दुर्घटना का पुर्वानुमान लगाया जा सकता है । अंतरिक्ष विभाग से समन्वय स्थापित कर भूमि कटाव , नदी के बढ़ते जलस्तर , जैव विविधता के संकट को अनुमानित कर बेहतर आपदा प्रबंधन किया जा सकता है । नदियों में जल के बहाव के आधार पर बेहतर नियोजन किया जा सकता है ।

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